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Showing posts from May, 2021
  क्लेम के समय बीमारी कहाँ से शुरू हुई,  बीमाकर्ता इसकी पड़ताल करता है।   Dispute between                 Bheem A Sankaran vs. Star Health Award/Complaint no          IO/HYD/A/HI/0163/2019-20 Amount of claim                 22000 Relief Sought                      22000 Decision in favour of          Insurer Date of Award/Order         11/02/2020 Location                              Hyderabad संक्षिप्त तथ्य पॉलिसी  08/12/2017 से आरम्भ हुई थी। 23/09/2019 को, बीमित व्यक्ति को उसके दाहिने अग्रभाग(forearm ) में Cellulitis  का पता चला था। बीमाकर्ता ने उसके दावे को खारिज कर दिया क्योंकि यह मधुमेह  से उत्पन्न हुआ था जिसकी पॉलिसी में 48 महीने की प्रतीक्षा अवधि थी। शिकायतक...
  पूर्ववर्ती  बीमारी(Pre Existing Disease ) मान लीजिए कि किसी व्यक्ति को टाइप 1 मधुमेह है। वह 5 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति बीमा पॉलिसी खरीदता है। पूर्ववर्ती बीमारी   के लिए प्रतीक्षा अवधि 36 महीने है। (IRDAI अधिकतम 48 महीने की अनुमति देती  है)। परिदृश्य 1 हम मान कि व्यक्ति ने प्रस्ताव फार्म में बीमारी का खुलासा किया है और प्रस्ताव को बीमाकर्ता द्वारा स्वीकार कर लिया गया है। यह व्यक्ति ब्रेन स्ट्रोक से पीड़ित होता है और  पॉलिसी के तीसरे वर्ष में  2.5 लाख रुपये का दावा करता है। क्या उनका दावा  स्वीकृत किया जाएगा? स्थिति पर निर्भर करता है .. यदि अस्पताल में जांच के दौरान यह पाया जाता है कि स्ट्रोक मधुमेह के कारण हुआ है, तो दावा अस्वीकार कर दिया जाएगा। परिदृश्य 2 इस मामले में फिर से खुलासा किया गया है और प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया है। इस बार क्लेम पॉलिसी के चौथे साल में होती है।  36 महीने की प्रतीक्षा अवधि समाप्त होने पर दावे का भुगतान किया जाएगा। परिदृश्य 3 इस मामले में, हम मानते हैं कि मधुमेह मेलिटस का खुलासा प्रस्ताव प्रपत्र में नहीं किया गया है। इ...
  30 days survival period in a Critical Illness policy Dispute between                Yashwanth Alety vs HDFC ERGO Award/Complaint no        IO/(HYD)/A/GI/0372/2019-20 Cause of dispute                Survival period for critical illness Decision in favour of         Insured संक्षिप्त तथ्य  शिकायतकर्ता के पिता के लिए सर्व सुरक्षा पॉलिसी जारी की गयी थी। 29/08/2017 से आरम्भ होकर यह पॉलिसी  पांच साल के लिए थी। इसके अलावा उनको और एक पॉलिसी (क्रेडिट शील्ड )  निर्गम की गयी थी जिसकी बीमा राशि 550000 थी और अवधि तीन साल थी। Myocardial Infarction से उनकी मृत्यु हो गयी। नामांकित व्यक्ति द्वारा दावा  बीमाकर्ता ने अस्वीकार कर दिया।  बीमाकर्ता ने तर्क दिया कि बीमा  सुरक्षा critical illness के लिए थी लेकिन उसमें 30 days का survival period का प्रावधान था। लेकिन बीमाकृत का देहांत एक ही दिन में हो गया। इसलिए क्लेम नहीं दी जा सकती है। क्रेडिट शील...
  लाइन ऑफ़ ट्रीटमेंट बदलने से क्या क्लेम स्वीकार होगी ? Dispute between          Manesh T P v/s Max Bupa Award/Complaint no  IO/BNG/A/HI/0275/2019-20 Cause of dispute          Rejection of post hospitalization claim (change in line of treatment) Amount of claim          Rs.8859 Relief sought                Rs.8859 Decision in favour of   Insurer Date of Award/Order 27/2/20 Location                     Bangalore संक्षिप्त तथ्य मुख्य उपचार एलोपैथिक अस्पताल में किया गया। अस्पताल में भर्ती होने के बाद आयुर्वेदिक उपचार किया गया। चूंकि उपचार की लाइन में बदलाव था, इसलिए पॉलिसी के तहत इसकी अनुमति नहीं थी। इसके अलावा, पीईडी (Asthma) का खुलासा नहीं किया गया था। लोकपाल का फैसला   पॉलिसी क्लॉज में कहा गया है कि अगर उपचार आयुर्वेदिक अस्पताल में किया कराया गया तो उस स्थिति में hospitalization से 30 days...
  अगर अस्पताल की टाइपिंग गलती हो तो क्या  क्लेम नकार दी जाएगी ? Dispute between                Mohammed Shoaib v/s Star Health Award/Complaint no        IO/(BNG)/A/HI/0245/2019-20 Cause of dispute                Additional documents needed Decision in favour of         Insured संक्षिप्त तथ्य    इस मामले में प्रतिपूर्ति दावा एंजियोग्राम रिपोर्ट में टाइप त्रुटि के कारण खारिज कर दिया गया था जिसमें कहा गया था कि बीमित व्यक्ति CKD से पीड़ित था। अस्पताल ने इस गलती को सुधारा। इलाज करने वाले डॉक्टर से हाथ से लिखित स्पष्टीकरण के साथ नई रिपोर्ट बीमाकर्ता को दी गई थी। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि बीमित व्यक्ति सीकेडी(CKD) का मामला नहीं था। हालांकि, बीमाकर्ता ने यह कहते हुए दावे से इनकार किया कि बीमाधारक ने सीकेडी और अन्य बीमारियों के पिछले उपचार रिकॉर्ड जमा नहीं किए हैं।  बीमाकर्ता ने तर्क दिया कि बीमाधारक आवश्यकतानुसार अतिरिक्त जानकारी...
  पॉलिसी के प्रारंभिक 30 days में अगर बीमारी का निदान हो, तब क्लेम क्या स्वीकार होगी ? Dispute between                  Krishna Swaroop Shrivastava v/s Cholamandalam Insurance Award/Complaint no        IO/BHP/A/HI/0057/2019-20 Cause of dispute                Ailment in first 30 days of the policy Decision in favour of         Insurer        मामले का सारांश  पॉलिसी की  आरम्भ तिथि 13/12/2018 थी। दावा  15/04/2021 को प्रस्तुत हुआ था। Discharge summary और मेडिकल पर्चे  के अनुसार बीमारी तीन माह पूर्व से चल रही थी। बीमाकृत व्यक्ति ने 09/01/2019  तारीख की Electrocardiogram रिपोर्ट पेश की जिसमें हृदय संबंधी  कोई समस्या नहीं थी। लेकिन बीमाकर्ता ने इस आधार पर कि  बीमारी  का निदान पॉलिसी  के शुरुआती 30 दिनों में हुआ, दावे को अस्वीकार कर दिया।  बीमाकर्ता ने तर्क दिया कि  उपचार पत्रक से साफ़...
  आनुपातिक कटौती (proportionate deduction ) मान लीजिए कि श्रीमान ए के पास 5 लाख रुपये की बीमा राशि वाली पॉलिसी है। पॉलिसी में कमरे के किराए पर प्रतिदिन बीमा राशि के 1% का प्रतिबंध है। मिस्टर ए पांच दिनों के लिए अस्पताल में भर्ती है और एक कमरे में रहता है जहाँ दैनिक शुल्क 7500 रुपये है। अस्पताल का कुल बिल रु 210000 जिनमें से 10000 रुपये दवाओं पर खर्च किए गए हैं। बीमाकर्ता द्वारा बीमित व्यक्ति को वास्तव में देय राशि क्या होगी? व्यय शीर्ष                 दावा राशि        कटौती योग्य राशि      देय राशि  दवाएं                          10000                                             1 0000 किराया                        37500          ...
  प्रस्ताव फॉर्म में पूर्ववर्ती बीमारी को प्रकट नहीं करने के क्या परिणाम हो सकते हैं ? पक्ष - विपक्ष टी सत्यनारायण राव बनाम स्टार हेल्थ  अवार्ड नंबर IO/HYD/A/HI/0157/2019-20 विवाद का कारण पूर्ववर्ती बीमारी  दावे की राशि 279605  राहत राशि प्रार्थित 279605  निर्णय किसके पक्ष में बीमाकर्ता  स्थान हैदराबाद  मामले का  सारांश बीमाकृत व्यक्ति को कोरोनरी धमनी बीमारी (Triple Vessel Disease ) से पीड़ित पाया गया। उनको angioplasty कराने के बाद स्टेन्ट लगाने पड़े। परन्तु उनके दावे को बीमाकर्ता ने नकार दिया। कारण बताया कि बीमाकृत व्यक्ति ने अपनी पुरानी बीमारी को प्रस्ताव फॉर्म में प्रकट नहीं किया। हालांकि बीमाकृत व्यक्ति ने बताया कि अस्पताल ने गलती से बीमारी की प्रारंभिक तारीख को 11/03/2017 की जगह 11/03/2010 लिख दिया है। अपने पक्ष में उन्होंने इलाज कर रहे डॉक्टर का लिखा सर्टिफिकेट प्रस्तुत किया जिसमे लिखा था कि बीमारी 2017 से आरम्भ हुई थी। बीमाकर्ता ने अपनी दलील में बताया कि अस्पताल की discharge summary से ज...
  क्या डॉक्टर का सर्टिफिकेट देने से राहत  मिल जाती है ? पक्ष - विपक्ष के वी एन कामेश्वर राव बनाम आदित्य बिड़ला हेल्थ  अवार्ड नम्बर IO/HYD/A/HI/0153/2019-20 विवाद का कारण पूर्ववर्ती बीमारी  दावे की राशि 164725  राहत राशि प्रार्थित 164725  निर्णय किसके पक्ष में बीमाकर्ता  अवार्ड की तारीख 03/02/2020  स्थान हैदराबाद  मामले का सारांश शिकायतकर्ता को Leptospirosis और मधुमेह टाइप 2 से पीड़ित पाया गया। मगर उनके दावे को बीमाकर्ता ने मानने से इंकार कर दिया। बीमाकर्ता ने  बताया कि उनके अन्वेषण में पाया गया कि मधुमेह बीमारी पॉलिसी प्रारम्भ  होने से पहले से थी। इसलिए क्लेम को स्वीकार नहीं किया गया।  बीमा  लोकपाल का निर्णय  शिकायतकर्ता ने तर्क दिया है कि अस्पताल की गलती से बीमारी को दो महीनों की जगह दो वर्ष दिखा दिया गया है। प्रस्ताव के समय बीमारी थी ही नहीं तो प्रकट करने का प्रश्न कैसे उठ सकता   है ?  जांच पड़ताल के दौरान पाया गया कि बीमाकृत व्यक्ति Glycomet 850 mg क...
  अस्पताल में दाखिला हुआ है।  लेकिन बीमाकर्ता की जानकारी के अनुसार आपने  कोई दूसरी बीमारी प्रस्ताव के समय प्रकट नहीं की थी।  ऐसी स्थिति में क्या क्लेम मिलेगी ? पक्ष - विपक्ष पी.वी. नरसिम्हन बनाम रेलिगेयर हेल्थ  अवार्ड नंबर IO/HYD/A/HI/0150/2019-20 विवाद का कारण पूर्ववर्ती बीमारी  दावे की राशि 9278.2 9   निर्णय किसके पक्ष में बीमाकर्ता  अवार्ड की तारीख 03 /02 /2020  स्थान हैदराबाद  मामले का सारांश  शिकायतकर्ता ने विश्वब्यापी यात्रा बीमा पॉलिसी ले रखी थी। अमेरिका में उन्हें Hiatus Hernia के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। भारत लौट कर जब उन्होंने बीमाकर्ता के समक्ष दावा पेश किया। लेकिन उनका दावा अस्वीकृत हो गया। बीमाकर्ता ने अपना पक्ष रखते बताया कि मेडिकल दस्तावेज के निरीक्षण के दौरान यह ज्ञात हुआ कि मरीज ने उच्च रक्तचाप की बीमारी को प्रकट नहीं किया। शिकायतकर्ता ने अपने डॉक्टर का प्रमाण पत्र पेश किया जिसमें लिखा था कि वह सिर्फ मधुमेह से पीड़ित हैं, उच्च रक्तचाप रक्तचाप से नहीं। ...
  निर्दिष्ट (specified) बीमारी के लिए प्रतीक्षा अवधि   पक्ष - विपक्ष संजय हतवार  बनाम स्टार हेल्थ  अवार्ड नंबर IO/BHP/A/HI/0092/2019-20 विवाद का कारण 24 महीनों की प्रतीक्षा अवधि  दावे की राशि 25000  राहत राशि प्रार्थित 25000  अवार्ड की तारीख 12/02/2020  स्थान भोपाल  मामले का सारांश  शिकायतकर्ता ने पॉलिसी के दूसरे साल में दावा प्रस्तुत किया। रिहाई सारांश (Discharge Summary) के अनुसार उनको गोखरू (foot corn ) की परेशानी थी। लेकिन पॉलिसी में उसके लिए 24 महीनों की प्रतीक्षा अवधि थी। इसलिए बीमाकर्ता ने उसे नकार दिया।  बीमा लोकपाल का निर्णय  पॉलिसी वाक्यांश (policy wordings ) में स्पष्ट रूप से लिखा है कि  उपचर्म गांठ (subcutaneous lump ) 24 महीनों तक बीमा रक्षित नहीं होगी।  इसलिए बीमाकर्ता का निर्णय सही है।  रिमार्क :    किसी भी क्षतिपूर्ति (indemnity ) पॉलिसी में तीन तरह की प्रतीक्षा अवधि होती है: आरम्भ के 30 दिन  निर्दिष्ट (specified )बीमारियों के लिए...
  प्रस्ताव फॉर्म में पुरानी बीमारी को प्रकट करना क्यों आवश्यक है ? पक्ष - विपक्ष तरुण श्रीवास्तव बनाम स्टार हेल्थ  अवार्ड नंबर IO/BHP/A/HI/0086/2019-20 विवाद का कारण पूर्ववर्ती बीमारी (pre existing disease) दावे की राशि 224000  राहत राशि प्रार्थित  185820  निर्णय किसके पक्ष में बीमाकर्ता  अवार्ड की तारीख 11/02/2020  स्थान भोपाल  मामले का सारांश  बीमाकृत की पॉलिसी न्यू इंडिया (New India Assurance Co.) के साथ 14/05/2015 से आरम्भ हुई थी और 13/05/2019 तक जारी थी।  14/05/2019 से स्टार हेल्थ में पोर्ट हो गई।  बीमाकृत व्यक्ति ने उसी साल Rs. 224000 का दावा  किया।  मेडिकल दस्तावेजों की समीक्षा के समय पता लगा कि  बीमाकृत व्यक्ति को dilated veins (both lower limbs) की शिकायत पॉलिसी आरम्भ से पहले से थी। वर्तमान उपचार भी इसी बीमारी के लिए था। इससे लगता है कि बीमाकृत व्यक्ति ने पूर्ववर्ती बीमारी को प्रस्ताव फॉर्म में प्रकट नहीं किया।   बीमा लोकपाल का निर्णय ...